2025-26 में कार्रवाई का आंकड़ा सबसे अधिक, 62.45 करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला; बिना हेलमेट चलने वालों पर भी बढ़ी कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद नियम तोड़ने के मामले कम होने के बजाय बढ़ते नजर आ रहे हैं। वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो चालान, वाहन सीज करने और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्ष 2025-26 में राज्य में 8,38,261 चालान किए गए, जबकि 18,002 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान 62 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। छह वर्षों के आंकड़ों में यह कार्रवाई का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
हर साल बढ़ती गई कार्रवाई
परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में 62,912 चालान किए गए और 2,722 वाहन सीज किए गए। इस दौरान 17 करोड़ 29 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
वर्ष 2021-22 में चालान बढ़कर 92,094 हो गए और 4,416 वाहन सीज किए गए। जुर्माने के रूप में 21 करोड़ 61 लाख रुपये वसूले गए। वर्ष 2022-23 में 1,36,277 चालान, 6,082 वाहन सीज और 30 करोड़ 67 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
वर्ष 2023-24 में कार्रवाई और तेज हुई। इस दौरान 3,14,401 चालान किए गए, 7,218 वाहन सीज हुए और 39 करोड़ 68 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वर्ष 2024-25 में 3,92,303 चालान, 12,639 वाहन सीज और 45 करोड़ 62 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसके बाद वर्ष 2025-26 में चालान की संख्या दोगुने से भी अधिक बढ़ते हुए 8,38,261 पहुंच गई। इस दौरान 18,002 वाहन सीज किए गए और 62 करोड़ 45 लाख रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला गया।
छह साल के आंकड़े एक नजर में
वर्ष

चालान
सीज वाहन
जुर्माना
2020-21
62,912
2,722
₹17.29 करोड़
2021-22
92,094
4,416
₹21.61 करोड़
2022-23
1,36,277
6,082
₹30.67 करोड़
2023-24
3,14,401
7,218
₹39.68 करोड़
2024-25
3,92,303
12,639
₹45.62 करोड़
2025-26
8,38,261
18,002
₹62.45 करोड़
बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर भी बढ़ी कार्रवाई
यातायात नियमों में हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर भी विभाग और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिना हेलमेट के मामलों में वर्ष 2025-26 में 1,23,646 कार्रवाई की गई थी, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 1,80,464 हो गई। इस तरह बिना हेलमेट के मामलों में 45.95 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं बिना सीट बेल्ट के मामलों में परिवहन विभाग की कार्रवाई वर्ष 2025-26 में 3,733 थी, जो वर्ष 2026-27 में घटकर 2,649 रह गई। इसमें 29.04 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।
पुलिस की कार्रवाई में भी बढ़ोतरी
उत्तराखंड पुलिस के स्तर पर भी यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी है। बिना सीट बेल्ट के मामलों में वर्ष 2025-26 में 3,416 कार्रवाई की गई थी, जबकि वर्ष 2026-27 में यह संख्या 3,226 रही। इसमें 5.56 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
इसके विपरीत बिना हेलमेट के मामलों में पुलिस की कार्रवाई में बड़ी वृद्धि हुई। वर्ष 2025-26 में 33,772 कार्रवाई के मुकाबले वर्ष 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 54,207 हो गई। इसमें 60.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक परिवहन विभाग की कुल कार्रवाई में 16.91 प्रतिशत, जबकि उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई में 54.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
जागरूकता के बावजूद नहीं थम रहा नियमों का उल्लंघन
उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देने से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के दौरान नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग और अन्य यातायात नियमों को लेकर संदेश प्रदर्शित किए जाते हैं।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन चालक हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते। इसके अलावा ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, वाहन के जरूरी दस्तावेज नहीं रखना और शराब अथवा मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने जैसे मामलों में भी कार्रवाई की जाती है।
हाई स्पीड कैमरों से रखी जा रही नजर
उत्तराखंड परिवहन विभाग के उप आयुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार राज्य में बढ़ते यातायात दबाव के बीच नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि एनफोर्समेंट टीमें लगातार सड़कों पर निगरानी कर रही हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर हाई स्पीड कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई बढ़ी, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिए नियम पालन जरूरी
छह वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में यातायात नियमों के उल्लंघन पर सरकारी एजेंसियों की निगरानी और कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ा है। हालांकि चालान और सीज किए गए वाहनों की बढ़ती संख्या यह भी दर्शाती है कि सड़क पर यातायात नियमों के पालन को लेकर अभी लगातार प्रयास की जरूरत है। विभागों की ओर से जहां प्रवर्तन कार्रवाई जारी है, वहीं वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।






