भीमताल/ओखलकांडा। ओखलकांडा ब्लॉक में हुए दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर भीमताल विधानसभा से वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हादसे में धारी ब्लॉक के मनाघेर गांव निवासी चालक किशोर जोशी की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना पर दुख जताते हुए मनोज शर्मा ने कहा कि कांग्रेस परिवार पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है, लेकिन लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

मनोज शर्मा ने मीडिया के माध्यम से जारी बयान में कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में कई सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक निधि से काटी गई कई कच्ची सड़कों के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। ऐसी सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर अब गंभीरता से जांच की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि “भीमताल विधानसभा में सारी सड़कें मौत की खाई में तब्दील हो चुकी हैं। जगह-जगह दुर्घटनाएं हो रही हैं और सिस्टम की लापरवाही के कारण लोगों की जान जा रही है।” उन्होंने सड़क निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुर्घटनाओं के बाद राहत और औपचारिकताओं को उपलब्धि के तौर पर पेश करने के बजाय सरकार को दुर्घटनाओं की मूल वजह पर काम करना चाहिए।

मनोज शर्मा ने क्षेत्रीय सांसद, विधायक और कैबिनेट मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “ऑन स्पॉट पोस्टमार्टम” जैसी व्यवस्थाओं को उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के बजाय सरकार को जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़कें उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को ऑन स्पॉट पोस्टमार्टम नहीं, बल्कि ऐसी सड़कें चाहिए जिन पर सफर करते समय उनकी जान सुरक्षित रहे।

उन्होंने ओखलकांडा में हुई दुर्घटना को भी सिस्टम की उपेक्षा का परिणाम बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मनोज शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार कथित तौर पर चुनावी लाभ तक सीमित होकर रह गई है और जनता की मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मृतक परिवार को एक करोड़ और घायलों को 25 लाख मुआवजे की मांग

कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने सरकार से मांग की कि हादसे में मृतक किशोर जोशी के परिवार को बिना किसी देरी और शर्त के एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही मृतक के इच्छुक प्रत्येक परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है।

उन्होंने हादसे में घायल लोगों के लिए कम से कम 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

मनोज शर्मा ने कहा कि गरीब और ग्रामीण परिवार लगातार सड़क हादसों का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार कब तक गरीब जनता को केवल आश्वासनों और औपचारिक राहत के भरोसे छोड़ती रहेगी।

उच्च न्यायालय से सड़कों की बदहाली का संज्ञान लेने की मांग

मनोज शर्मा ने मीडिया के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय से भी भीमताल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सड़कों की बदहाली का स्वतः संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कों की गुणवत्ता, निर्माण मानकों और दुर्घटनाओं के कारणों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता मिले और सड़क निर्माण एवं रखरखाव में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।

मनोज शर्मा ने कहा कि सड़कें विकास की पहली सीढ़ी हैं, लेकिन यदि वही सड़कें लोगों की जान के लिए खतरा बन जाएं तो संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से क्षेत्र की जर्जर और जोखिमपूर्ण सड़कों का सर्वे कराकर आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की।

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