हल्द्वानी में भड़का गुस्सा: मां काली के स्वरूप में ‘अमर्यादित’ वीडियो बनाने वाली सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नीतू बिष्ट के खिलाफ FIR की मांग

करणी सेना और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने कोतवाली में किया प्रदर्शन, धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगाया आरोप

हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर वीडियो और रील के जरिए लोकप्रियता हासिल करने की कोशिशों के बीच धार्मिक स्वरूपों के कथित अमर्यादित चित्रण को लेकर विवाद सामने आया है। हल्द्वानी में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नीतू बिष्ट के खिलाफ मां काली के स्वरूप में कथित आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में कार्रवाई की मांग उठी है। मंगलवार को करणी सेना और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस को शिकायती पत्र सौंपकर नीतू बिष्ट के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की।

मां काली के स्वरूप को आपत्तिजनक ढंग से प्रस्तुत करने का आरोप

करणी सेना की महिला जिला अध्यक्ष योगिता बनोला के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शिकायत में आरोप लगाया कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नीतू बिष्ट ने हाल ही में मां काली के स्वरूप में एक रील अथवा वीडियो बनाया, जिसमें देवी के पवित्र स्वरूप को कथित तौर पर आपत्तिजनक और विकृत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वीडियो में संबंधित स्वरूप धारण कर सार्वजनिक सड़कों पर घूमते हुए दिखाया गया है। संगठनों ने आरोप लगाया कि इस तरह की प्रस्तुति से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और बच्चों सहित आम लोगों के बीच भय तथा असहजता का माहौल पैदा हो सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूपों को प्रस्तुत करते समय मर्यादा एवं सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह की सामग्री प्रसारित करना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचा सकता है।

BNS और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग

करणी सेना और अन्य संगठनों ने पुलिस को सौंपे गए शिकायती पत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से संबंधित वीडियो की जांच करने और उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया।

संगठनों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रदर्शनकारियों ने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग उठाते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान करणी सेना और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। संगठनों ने कहा कि धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर वे पीछे नहीं हटेंगे।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला संगठनों की शिकायत और कार्रवाई की मांग से जुड़ा है।

नीतू बिष्ट का पक्ष, पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और FIR दर्ज होने की स्थिति की पुष्टि होना बाकी है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और तथ्यों के सत्यापन के बाद स्पष्ट होगी।

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