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40 असम राइफल्स के काफिले पर आईईडी और ताबड़तोड़ फायरिंग, उखरूल में सर्च ऑपरेशन तेज

देहरादून। मणिपुर के उखरूल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर हुए घातक आतंकी हमले में उत्तराखंड के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और गाजियाबाद निवासी राइफलमैन चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए। दोनों जवान ड्यूटी पूरी कर शांगशाक स्थित बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे, तभी संदिग्ध उग्रवादियों ने उनके काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 1:50 बजे उखरूल जिले के नुंगशांग कोंग क्षेत्र के पास आतंकियों ने अत्याधुनिक हथियारों से काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की और आईईडी विस्फोट भी किए। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन चंद्र मोहन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

दोनों घायल जवानों को तत्काल शांगशाक स्थित असम राइफल्स कैंप ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त कर ली। शहादत की खबर से सेना और दोनों जवानों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।

हालांकि, सेना की ओर से अभी तक वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह के उत्तराखंड के किस जिले और गांव के निवासी होने की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

पुलिस के मुताबिक हमला दोपहर करीब 1:50 बजे हुआ और क्षेत्र में शाम करीब 4:10 बजे तक रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। फिलहाल किसी भी हमलावर के मारे जाने या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर फिलहाल शांगशाक स्थित असम राइफल्स कैंप में रखे गए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह का पार्थिव शरीर उत्तराखंड और राइफलमैन चंद्र मोहन सिंह का पार्थिव शरीर गाजियाबाद भेजा जाएगा।

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