देहरादून। मिलावटखोरी, जमाखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी जिलों में एक सप्ताह तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है। जिला प्रशासन, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन समेत संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें बाजारों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं।
अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए दुकानों, प्रतिष्ठानों और अन्य व्यावसायिक केंद्रों से नमूने लिए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मिलावटी, एक्सपायरी अथवा खराब खाद्य सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कई स्थानों पर खराब और एक्सपायरी सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है।
सरकार की निगरानी केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है। बाजार में चीनी की जमाखोरी और घरेलू गैस सिलिंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक टीमें यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि आवश्यक वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को प्रभावित न किया जा सके और घरेलू गैस का व्यावसायिक गतिविधियों में अवैध इस्तेमाल न हो।
देहरादून में 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
देहरादून जिले में सोमवार को विशेष अभियान के तहत 11 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। जिले में एक अगस्त से अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान कुल 48 नमूने लिए गए हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं।
हरिद्वार में 47 प्रतिष्ठानों की जांच
हरिद्वार जिले में 17 अगस्त से अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 47 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 खाद्य नमूने लिए गए हैं। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 10 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभागीय टीमों द्वारा बाजारों में लगातार निगरानी की जा रही है।
अन्य जिलों में भी कार्रवाई तेज
चमोली जिले में तीन नमूने लिए गए और दो दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए। रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह नमूने लिए गए। यहां जांच के दौरान मिली एक्सपायरी सामग्री को नष्ट कराया गया।
नैनीताल जिले में 10 दुकानों का निरीक्षण किया गया और छह नमूने लिए गए। कार्रवाई के दौरान 10 किलो मानकविहीन मिठाई को नष्ट कराया गया। पौड़ी में 10, बागेश्वर में तीन, अल्मोड़ा में दो, पिथौरागढ़ में दो, टिहरी में छह और उत्तरकाशी में चार खाद्य नमूने लिए गए।
चंपावत जिले में अभियान के तहत 21 स्थानों का निरीक्षण किया गया। यहां से लिए गए 10 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के साथ-साथ एक्सपायरी और मानकविहीन सामग्री की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
प्रशासनिक अधिकारियों को बाजारों में लगातार निगरानी बनाए रखने और जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेशभर में चल रहे इस विशेष अभियान से खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति है। आने वाले दिनों में नमूनों की प्रयोगशाला जांच के परिणाम सामने आने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर और कार्रवाई होने की संभावना है।









