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उत्तराखंड की कुमाऊनी ऐपण कला की डिमांड अमेरिका में बढ़ी

रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। नगर के मल्लीताल निवासी युवती की ऐपण की कला देश साहित्य विदेशों में भी छाई हुई है जहाँ भारी मात्रा में त्योहारों के समय ऐपण की भारी डिमांड हो रही है। तो उन्हें अमेरिका में कुमाउंगी ऐपण एग्जीवेशन में अवार्ड भी मिल चुका है।

बता दें कि नगर के मल्लीताल रॉयल कंपाउंड निवासी दिव्यांशी पंत उनके पिता संजय पंत जो कि जीपीएस विद्यालय बेलकोट पिथौरागढ़ में अध्यापक के पद पर कार्यरत है वही दिव्यांशी कुमाऊँ विश्वविद्यालय की बी.ए तृतीय वर्ष की छात्रा है।

पढ़ाई के साथ साथ उन्होंने उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला में महारथ हासिल की है उनकी बनाई ऐपण प्रदेश देश के साथ साथ विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही है।जिनकी भारी मात्रा में हर त्यौहार में डिमांड बढ रही है।

दिव्यांशी पंत ने बताया की वह यह कार्य पिछले डेढ़ सालों से कर रही है उनके इस कार्य मे उनकी माता गरिमा पंत उनकी सहायता करती है जो की गृहणी हैं। दिव्यांशी बताती है कि आज के समय में लोग उत्तराखंड की पारंपरिक रीति रिवाजों को भूलते जा रहे है।

जिसको आज की पीढ़ी के बीच उजागर रखने केके लिए वह ऐपण को तैयार कर रही है इसे बनाने में उन्हें भी काफी सुकून मिलता है। वह ऐपण कला को अपने लिए और लोगो तक पहुचाने के लिए बनाती है।

अब उनकी इस कला को देश के साथ साथ विदेशों में भी पसंद किया जा रहा है। अमेरिका में उनके भाई जो कि अमेरिका में साइंटिस्ट है उनके द्वारा इसे बाई पोस्ट मंगवाया जाता है।

जिसे अमेरिका में हर त्योहारों में ऐपण की भारी डिमांड बढ़ रही है। बताया कि उन्हें अमेरिका में कुमाऊनी ऐपण एग्जीवेशन में अवार्ड भी मिल चुका है।कुमाऊनी ऐपण कला की डिमांड अमेरिका में बढ़ी कुमाऊनी ऐपण कला की डिमांड अमेरिका में बढ़ी कुमाऊनी ऐपण कला की डिमांड अमेरिका में बढ़ी

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