ब्रेकिंग न्यूज़
जयपुर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रियांशु का शानदार प्रदर्शन, आर्टिस्टिक सोलो ट्रेडिशनल इवेंट में हासिल किया प्रथम स्थाननैनीताल : कुमाऊं विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट को भारत गौरव पुरस्कार 2026 मिलने पर कूटा ने दी बधाईनैनीताल : डीएसबी परिसर में छात्र राजनीति के बीच मानवता की मिसाल, गंभीर मरीज के लिए छात्र नेता ने किया रक्तदानपिथौरागढ़ में तीसरे दिन भी बारिश का कहर: चीन सीमा से संपर्क चौथे दिन भी कटा, कई प्रमुख सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्तदर्दनाक सड़क हादसा: ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

 

नीट पेपर लीक मामला: तीन आरोपितों को हिरासत में लेने के बाद चर्चाओं में आया देहरादून

देशभर में आयोजित नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की जांच के बीच देहरादून एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

हाल ही में राजस्थान की एसओजी राकेश सहित तीन आरोपितों को देहरादून से हिरासत में लेकर गई, जिसके बाद दून का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में है।

एसओजी ने तीनों आरोपितों के बारे में जानकारी जुटाई और तीनों को डालनवाला क्षेत्र से हिरासत में लिया।

देहरादून। महीनों की तैयारी और लगातार मेहनत के बाद नीट परीक्षा देने वाले छात्रों में परीक्षा रद होने की खबर से निराशा और असमंजस का माहौल है।

छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल उनकी मेहनत पर असर डालती हैं, बल्कि मानसिक दबाव और भविष्य को लेकर चिंता भी बढ़ा देती हैं।

छात्रा खुशी कंडियाल ने कहा कि उन्होंने पूरी मेहनत के साथ परीक्षा दी थी और पेपर भी संतुलित लगा था। उन्हें अच्छे स्कोर की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद होने की खबर ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है।

उनका कहना है कि दोबारा परीक्षा की तैयारी का दबाव फिर से झेलना आसान नहीं होगा। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की।

वहीं, छात्रा प्रतीक्षा का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों का मनोबल तोड़ देती हैं। पिछले कुछ वर्षों से लगातार ऐसे मामले सामने आने से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।

उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा और तैयारी का तनाव मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होता है। एनटीए को सख्त और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

छात्र शुभम ने बताया कि इस बार का पेपर अपेक्षाकृत संतुलित था और उनकी परीक्षा भी अच्छी गई थी। जितने अंक आने की उम्मीद थी, उससे वह संतुष्ट थे, लेकिन परीक्षा रद होने की खबर से निराशा हुई है।

उन्होंने कहा कि अब दोबारा परीक्षा की संभावना से दबाव और घबराहट महसूस हो रही है। उनका मानना है कि सरकार को एनटीए की व्यवस्था को और चौकस बनाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

यह भी पढ़ें :  भीमताल के अल्चौना में बरसाती नाले ने मचाई तबाही, ‘पांडे छोड़’ के घरों में घुसा मलबा

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.