हल्द्वानी। हल्द्वानी तहसील में फर्जी स्थाई प्रमाण पत्र और तहसील परिसर में अरायजनवीस के लाइसेंसों की जांच के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

जिसमें तहसीलदार, एसडीएम सहित तहसील के तमाम कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए है।

वीडियो का संज्ञान लेते हुए DM ने मामले के जांच के आदेश दे दिए है। जांच तीन सप्ताह में पूर्ण कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

दरअसल फर्जी दस्तावेज के आधार पर स्थाई निवास बनाने के मामले में नैनीताल जनपद में पिछले पांच वर्षों में बनाए गए प्रमाणपत्रों की जांच के साथ साथ अरायजनवीश के लाइसेंसों की जांच चल रही है।

इस वायरल वीडियो को DM नैनीताल ललित मोहन रयाल ने गंभीरता से लिया है, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में पटवारी, तहसीलदार और उप‑जिलाधिकारियों पर “निर्धारित रेट/फीस” बताकर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। उन्होंने तुरंत एक तथ्यात्मक जांच (Fact‑Finding Inquiry) का आदेश दिया और अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) शैलेन्द्र सिंह नेगी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

जांच के दायरे में वीडियो की प्रमाणिकता, स्रोत व मूल अपलोडर की पहचान, बताई गई रेट/फीस का वस्तुनिष्ठ परीक्षण, संबंधित राजस्व दस्तावेजों का क्रॉस‑चेक, सभी पक्षों के बयान और वायरल सामग्री के सामाजिक‑कानूनी प्रभाव का आकलन शामिल है।

जांच अधिकारी को 15 दिसंबर 2025 तक विस्तृत, साक्ष्य‑आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

साथ ही, जांच समाप्त होने तक किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को मीडिया में बयान देना प्रतिबंधित किया गया है; उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

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