हल्द्वानी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ के मामले में पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा और हीनता का भाव प्रदर्शित करने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(R) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रामलीला मैदान में आयोजित रैली समाप्त होने के बाद वहां कथित रूप से शुद्धिकरण किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया था और कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यह घटना केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंची है। पार्टी लंबे समय से इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थी। इसे लेकर कांग्रेस की ओर से विरोध-प्रदर्शन भी किए गए थे।
अब अधिवक्ता अंजू की शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
मामले की जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। जांच के दौरान पुलिस कथित शुद्धिकरण की घटना, इससे जुड़े लोगों की भूमिका, आरोपों की सत्यता और उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ और वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद हल्द्वानी की राजनीति के और गरमाने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस पहले ही इस मामले को लेकर लगातार कार्रवाई की मांग करती रही है, जबकि अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना में किन लोगों की भूमिका रही और आरोपों के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




