शिक्षक आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने में निभाएं अहम भूमिका: राज्य मंत्री मोहन पाठक | करीब 100 शिक्षक-शिक्षिकाएं ले रहे प्रशिक्षण
हल्द्वानी। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने और शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हल्द्वानी के डहरिया स्थित आनन्दा एकेडमी में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली की ओर से पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में जनपद के लगभग 100 शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण कार्य में सांस्कृतिक तत्वों, कला एवं शिल्प के प्रयोग के साथ नई शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जा रही है।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी, रामगढ़ श्रीमती गीतिका जोशी और विशिष्ट अतिथि दर्जा राज्य मंत्री श्री मोहन पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आनन्दा एकेडमी के निदेशक भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने की। उद्घाटन समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।
सांस्कृतिक गतिविधियों से रोचक बनाएं शिक्षण प्रक्रिया: गीतिका जोशी
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी और विद्यार्थियों के लिए आकर्षक बनाने में सांस्कृतिक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षकों को चाहिए कि वे पाठ्यक्रम को पढ़ाते समय कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों का समुचित उपयोग करें, ताकि विद्यार्थी विषयों को आसानी से समझ सकें और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़े।
आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने में शिक्षक निभाएं भूमिका: मोहन पाठक
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दर्जा राज्य मंत्री मोहन पाठक ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के सपने को साकार करने में शिक्षकों की जिम्मेदारी सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं और उनके मार्गदर्शन में ही नई पीढ़ी प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को समझती है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड बनाने में कदम से कदम मिलाकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जागरूकता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के माध्यम से प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में शिक्षक महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर आनन्दा एकेडमी की दीक्षा बिष्ट, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, माया बिष्ट, गौरव जोशी, पुष्पेश सांगा, डॉ. हरीश चन्द्र जोशी, गिरीश तिवारी, त्रिलोक बृजवासी, नमिता पाठक, निशा प्रभा चन्याल, सीमा मर्तोलिया, बबीता मेवाड़ी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों, सांस्कृतिक गतिविधियों और कला आधारित शिक्षा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, रचनात्मक और प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

