प्रो. सुरेंद्र सिंह बरगली, प्रो. नंदा गोपाल साहू, डॉ. के. पांडे, डॉ. नीरज पंत और डॉ. रूबी सिंह को वैश्विक स्तर पर मिली शोध उत्कृष्टता की पहचान, कूटा ने दी बधाई
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है कि विश्वविद्यालय से जुड़े पांच शिक्षाविदों एवं पूर्व विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्यों के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में प्रो. सुरेंद्र सिंह बरगली, प्रो. नंदा गोपाल साहू, डॉ. के. पांडे, डॉ. नीरज पंत और डॉ. रूबी सिंह को स्थान मिला है। इन वैज्ञानिकों की उपलब्धि ने कुमाऊं विश्वविद्यालय सहित उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों और पूर्व विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को उनकी निरंतर शोध साधना, विषय विशेषज्ञता और वैज्ञानिक योगदान का परिणाम माना जा रहा है। विभिन्न विषयों में कार्यरत इन वैज्ञानिकों ने वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध संबंधी प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई प्रदान की है।
प्रो. सुरेंद्र सिंह बरगली को लगातार दूसरी बार मिली पहचान
कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र सिंह बरगली को जीव विज्ञान के अंतर्गत इकोलॉजी (पारिस्थितिकी) के क्षेत्र में स्टैनफोर्ड की वैश्विक रैंकिंग में स्थान मिला है। वर्ष 2025-26 के लिए जारी सूची में उनकी ग्लोबल रैंक 1789 बताई गई है। विशेष बात यह है कि प्रो. बरगली पिछले वर्ष भी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की श्रेणी में शामिल रहे थे। लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाना उनकी शोध उत्कृष्टता और वैज्ञानिक योगदान को दर्शाता है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के गणित विषय के पूर्व छात्र डॉ. नीरज पंत ने भी विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। वर्तमान में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला से जुड़े डॉ. पंत को न्यूक्लियर एवं पार्टिकल फिजिक्स (नाभिकीय एवं कण भौतिकी) के क्षेत्र में स्टैनफोर्ड की शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। उनकी वैश्विक रैंक 3157 बताई गई है। वह लगातार तीसरे वर्ष इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुए हैं, जो उनकी शोध क्षमता और वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रमाण है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा और जीएलए विश्वविद्यालय से जुड़ी डॉ. रूबी सिंह ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्हें इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस श्रेणी के अंतर्गत ऊर्जा (एनर्जी) क्षेत्र में स्टैनफोर्ड की वैश्विक रैंकिंग में स्थान मिला है। उनकी ग्लोबल रैंक 3305 बताई गई है। यह उपलब्धि अर्थव्यवस्था, व्यवसाय और ऊर्जा से संबंधित शोध के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करती है।
कूटा ने वैज्ञानिकों को दी बधाई
कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने पांचों वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी सहित प्रो. नीलू लोधियाल, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल, डॉ. संतोष, डॉ. शिवांगी, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी और डॉ. अशोक कुमार ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण बताया।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के एलुमनी सेल से जुड़े डॉ. बीएस कालाकोटी, डॉ. एसएस सामंत, डॉ. जीसी जोशी, ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे, डॉ. भुवन आर्य सहित अन्य लोगों ने भी खुशी व्यक्त करते हुए सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी।
विश्वविद्यालय से जुड़े इन पांच वैज्ञानिकों की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि उच्च शिक्षा संस्थानों से निकले शिक्षक और विद्यार्थी अपने शोध कार्यों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उनकी सफलता से विश्वविद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को भी उत्कृष्ट शोध के लिए प्रेरणा मिलेगी।

