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बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए करीब 36 हजार श्रद्धालु  पहुंचे कैंची धाम

पुलिस टीम लगातार मुस्तैदी के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने में जुटी 

रिपोर्ट: गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल/भवाली। शुक्रवार को भवाली स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए करीब 36 हजार श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से भवाली-कैंची धाम मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। कैंची से निगलाट तक करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 36 हजार श्रद्धालुओं ने किए बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन

सड़क पर वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए। जाम के चलते कई श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भवाली से कैंची धाम तक पैदल पहुंचकर बाबा के दर्शन किए।

बताया गया कि गुरुवार रात से ही कैंची धाम के आसपास सड़क किनारे आड़े-तिरछे वाहनों के खड़े होने से यातायात प्रभावित होने लगा था।कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 36 हजार श्रद्धालुओं ने किए बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन

शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही स्थिति और गंभीर हो गई। कैंची धाम से निगलाट के बीच दिनभर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। पुलिस और यातायात कर्मियों को यातायात व्यवस्था सुचारू कराने के लिए लगातार मशक्कत करनी पड़ी।

कैंची धाम के सिक्योरिटी सुपरवाइजर विनोद कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात तक बनी रही और भक्तों की कतार लगी रही। उनके अनुसार शुक्रवार को करीब 36 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए।

वहीं, बागेश्वर से हल्द्वानी जा रहे मोहित जोशी ने बताया कि उन्हें दवाइयां लेने हल्द्वानी जाना था और शाम को वापस लौटने की योजना थी, लेकिन कैंची क्षेत्र में जाम की स्थिति को देखते हुए उन्होंने वापसी का कार्यक्रम टाल दिया।

उन्होंने कैंची क्षेत्र में लगातार बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए बाईपास का काम जल्द पूरा करने की मांग की।

रात से ही पार्किंग खोलने की उठी मांग

टैक्सी यूनियन के उपाध्यक्ष संजय लोहनी ने कहा कि वीकेंड पर कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ना पहले से तय रहता है। ऐसे में पार्किंग व्यवस्था को एक रात पहले ही शुरू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रात में कैंची धाम पहुंचने वाले वाहनों को पुलिस की मौजूदगी में पार्किंग में खड़ा कराया जाए, जिससे सुबह मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल वाहन भी चलाए गए, लेकिन जाम की स्थिति इतनी गंभीर रही कि शटल वाहन भी अन्य वाहनों के साथ जाम में फंस गए। इसका असर कैंची, भवाली और आसपास के संपर्क मार्गों पर भी देखने को मिला।

बाईपास का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर उठे सवाल

कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच सेनिटोरियम-रतिघाट बाईपास को लेकर भी स्थानीय लोगों और यात्रियों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्गों का प्रभावी इस्तेमाल कर यातायात के दबाव को बांटा जाए तो कैंची धाम मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पार्किंग, शटल सेवा, यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों का बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों, पर्यटकों और पहाड़ की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी से राहत मिल सके।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, यातायात व्यवस्था बनाने में जुटे रहे जवान

कोतवाल प्रकाश मेहरा ने बताया कि वीकेंड के चलते कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।

पुलिस टीम लगातार मुस्तैदी के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने में जुटी रही। वाहनों को व्यवस्थित करने और जाम खुलवाने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़ ने एक बार फिर यहां की बढ़ती धार्मिक पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ पार्किंग, यातायात प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि वीकेंड तथा विशेष अवसरों पर पहले से व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

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