राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने ग्रामीणों से सुख-दुख साझा कर विकास के मुद्दों पर किया आत्मीय संवाद, गीता, गंगाजल और संकल्प पत्र किए भेंट
भीमताल। राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान को आगे बढ़ाते हुए विकासखंड भीमताल के ग्राम रोशीला एवं ओखलढुंगा में ‘हर घर संपर्क अभियान’ के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों का कुशलक्षेम जाना और क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों से आत्मीय बातचीत की।
हरीश पनेरु ने ग्रामीणों के साथ सुख-दुख साझा करते हुए कहा कि जनसेवा का वास्तविक उद्देश्य लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना है। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर उनके साथ चर्चा की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से मिलने वाला स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल समेत विकास से जुड़े विषयों पर लगातार संवाद की आवश्यकता है।
गीता, गंगाजल और संकल्प पत्र किए भेंट
हर घर संपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों को श्रीमद्भगवद्गीता, पवित्र गंगाजल और अपना संकल्प पत्र भेंट किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
हरीश पनेरु ने युवाओं को नशे से दूर रखने और उनके बेहतर भविष्य के लिए नशामुक्त भीमताल के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाना समाज और क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है।
‘जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी’
पनेरु ने कहा कि जनता का सहयोग, मातृशक्ति का आशीर्वाद और युवाओं की ऊर्जा मिलकर भीमताल क्षेत्र को शिक्षित, स्वस्थ, समृद्ध और नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे क्षेत्रवासियों के सुख-दुख में सहभागी बनने और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों के साथ स्थानीय विकास और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
पनेरु ने कहा कि गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद करने से क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है और इसी संवाद को आगे भी जारी रखा जाएगा।





































