हल्द्वानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर उत्तराखंड में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर जनहित और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को हल्द्वानी के एक प्राथमिक विद्यालय में आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने बच्चों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय अधिकारियों से संवाद कर कार्यक्रम की गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल किताबी शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी रचनात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके।
उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेशभर के करीब 24 हजार विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता सहित विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया जा रहा है। इन आयोजनों का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को सामने लाना और उन्हें शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट का वितरण भी किया गया। विभागीय अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित योजनाओं और बच्चों एवं महिलाओं के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा और बाल विकास के क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए विभिन्न गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आंगन मिलन कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में हिस्सा लिया। शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा विभागीय अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा, बाल विकास तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।





































