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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में अधिवर्षता आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

समारोह में विश्वविद्यालय के कॉमर्स संकाय के डीन एवं विभागाध्यक्ष तथा शिक्षा शास्त्र के डीन प्रो. अतुल जोशी, राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मधुरेंद्र कुमार, हिंदी विभाग की डॉ. शुभा मटियानी तथा डीएसबी परिसर की देवकी देवी के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें सम्मानित किया गया।

समारोह में प्रो. अतुल जोशी एवं देवकी देवी को शॉल ओढ़ाकर, प्रतीक चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके विश्वविद्यालय के प्रति योगदान और सेवाओं को याद करते हुए उनके दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए लंबे समय तक सेवाएं देने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों का योगदान संस्थान की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी कार्यशैली, अनुभव और सेवाओं को विश्वविद्यालय परिवार लंबे समय तक याद रखेगा।

प्रो. अतुल जोशी के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान का भी समारोह में उल्लेख किया गया। बताया गया कि उनकी टीम को वर्ष 2013 में राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें राजभाषा पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। उत्तराखंड आंदोलन से लेकर रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को भी वक्ताओं ने रेखांकित किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. रितेश साह ने कहा कि नियमानुसार अधिवर्षता आयु पूर्ण होने के बाद सेवा से निवृत्त होना पड़ता है, लेकिन सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक-कर्मचारियों की सेवाएं और उनका योगदान विश्वविद्यालय परिवार के बीच हमेशा याद किया जाएगा।

डीएसबी परिसर के निदेशक/डीएसडब्ल्यू प्रो. संजय पंत ने प्रो. अतुल जोशी के सामाजिक सरोकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड आंदोलन से लेकर रक्तदान जैसे कार्यों में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. ललित तिवारी ने प्रो. अतुल जोशी के साथ जुड़े विभिन्न संस्मरण साझा किए। उन्होंने उनके कार्यकाल और विश्वविद्यालय से जुड़े अनुभवों को याद करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया।

सम्मान समारोह में डॉ. सुरेश डालाकोटी, डॉ. मोहित सनवाल, डॉ. सावित्री कैरा, डॉ. महेंद्र राणा, अभिराम पंत, डॉ. चारु तिवारी, डॉ. दीपक आर्य और डॉ. गगन होती सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

अपने संबोधन में डॉ. अतुल जोशी ने विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय तक विश्वविद्यालय की सेवा करने का अवसर मिला, जिसके लिए वे सभी के आभारी हैं।

समारोह में वीरेंद्र जोशी, नीरज साह, डॉ. मोहित रौतेला, दीपक बिष्ट, जगदीश, रमेश जोशी, ओम प्रकाश, नंदा बल्लभ पालीवाल समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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