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लालकुआं क्षेत्र के बबूर गुम्टी रेलवे क्रॉसिंग के पास विद्युत लाइन दुरुस्त करने के दौरान पोल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए लाइनमैन प्रेम सिंह कोरंगा की उपचार के दौरान मौत हो गई। बरेली के राममूर्ति अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों के अनुसार सिर के बल गिरने से उन्हें गंभीर ब्रेन हैमरेज हुआ था। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों में विद्युत ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार बिंदुखत्ता के संजय नगर गौला गेट निवासी प्रेम सिंह कोरंगा पुत्र जोहार सिंह कोरंगा बीते दिवस दोपहर करीब एक बजे बबूर गुम्टी क्षेत्र में बिजली लाइन ठीक करने के लिए विद्युत पोल पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे गिर पड़े। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद प्रेम सिंह को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बावजूद विभाग और संबंधित ठेकेदार की ओर से परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि घटना दोपहर करीब एक बजे हुई, लेकिन इसकी जानकारी शाम करीब साढ़े चार बजे दी गई। पहले उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बरेली के राममूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने ठेकेदार और सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित सुपरवाइजर लगातार फोन कर प्रेम सिंह को काम पर बुला रहा था। यह कार्य जेडीएम इंटरप्राइजेज के अंतर्गत कराया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और हादसे के बाद मामले को दबाने का प्रयास किया गया।

परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर भी स्पष्ट चिकित्सकीय दस्तावेज उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया है, जिससे पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद बिंदुखत्ता क्षेत्र में भारी रोष देखने को मिला। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यदि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक सावधानियों का पालन किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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