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उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को लेकर अभी से कमर कस ली है। चार धाम यात्रा को सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत यात्रा प्रबंधन योजना पर काम कर रही है।

इस योजना के तहत दिल्ली, देहरादून एक्सप्रेसवे को चार चरणों में शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होने वाला है।

साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालु देहरादून से आगे की यात्रा करेंगे, जिससे यातायात प्रबंधन के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने मास्टर प्लान तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।

पहला चरण- दिल्ली से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) जंक्शन (करीब 14 किमी) का रूट फरवरी 2025 में खोल दिया जाएगा। दूसरा चरण- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जंक्शन से सहारनपुर (136 किमी) तक का सेक्शन मई 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। तीसरा चरण- सहारनपुर से गणेशपुर, देहरादून (19 किमी) का रूट अगले कुछ महीनों में खोल दिया जाएगा। चौथा चरण- गणेशपुर से देहरादून (20 किमी) का मार्ग फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा।

यात्रा में लगेगा कम समय इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से देहरादून आने वाले यात्रियों को यात्रा के दौरान काफी सुविधा मिलने वाली है। यात्रा का समय भी घटकर 2.5 घंटे हो जाएगा। चारधाम यात्रा के दौरान यात्री प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती होती है। 2024 में गंगोत्री और यमुनोत्री में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्थिति काफी जटिल हो गई थी।

इसे ध्यान में रखते हुए इस बार यात्रा को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है। आईजी अरुण मोहन जोशी को यात्रा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है और उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकजीत सिंह को चारधाम यात्रा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

अब यात्रा से पहले विभिन्न मार्गों का निरीक्षण कर यात्रियों के ठहरने और यातायात नियंत्रण की पूरी योजना बनाई जा रही है। दिल्ली से आने वाले वाहनों के लिए मास्टर प्लान दिल्ली से देहरादून और फिर चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले वाहनों को अलग-अलग रूट पर डायवर्ट करने का प्लान बनाया जा रहा है।

एक्सप्रेस-वे के कारण तीर्थयात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि हो सकती है, इसलिए पुलिस और यातायात निदेशालय ने यात्रा मार्गों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। देहरादून और विकासनगर रूट से गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों के लिए आपातकालीन ठहराव की व्यवस्था की जा रही है।

देहरादून जिले में 10 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां यात्रियों को ठहरने और खाने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा परिवहन और पर्यटन विभाग को विशेष चेकिंग प्वाइंट बनाने के लिए पत्र भेजा गया है।

एनएचएआई को भेजा पत्र आईजी अरुण मोहन जोशी ने एनएचएआई को पत्र लिखकर मई 2025 से पहले एक्सप्रेस-वे शुरू करने की अपील की है, ताकि चारधाम यात्रा का सही ढंग से प्रबंधन हो सके। चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था और जाम से बचने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। पुलिस अधीक्षक लोकजीत सिंह ने देहरादून और विकासनगर के मार्गों का निरीक्षण कर यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने की योजना तैयार की गई है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को किस मार्ग से भेजा जाएगा, इस पर यातायात निदेशालय पहले से ही काम कर रहा है।

आपको बता दें कि दिल्ली, देहरादून एक्सप्रेस-वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इसे चार चरणों में शुरू करने की योजना है। देहरादून के रास्ते बड़ी संख्या में तीर्थयात्री गंगोत्री और यमुनोत्री पहुंच सकेंगे। यातायात जाम से बचने और तीर्थयात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए व्यापक योजना तैयार की जा रही है।

यात्रियों के ठहरने के लिए विभिन्न जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। देहरादून जिले में 10 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां तीर्थयात्रियों के ठहरने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था होगी।

परिवहन और पर्यटन विभाग को चेकिंग प्वाइंट बनाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। चारधाम यात्रा को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए प्रशासन पहले ही व्यापक रणनीति बना रहा है।

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