10 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई न होने से ग्राम प्रधान संगठन का आंदोलन तेज, 7 अक्टूबर को ब्लॉक कार्यालय में धरना-प्रदर्शन एवं सांकेतिक तालाबंदी
मांगों पर कार्रवाई न होने से प्रधानों में रोष, बैठकों के बहिष्कार का ऐलान; जिलाध्यक्ष बोले—लिखित आश्वासन और समयबद्ध समाधान चाहिए
हल्द्वानी। ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला ग्राम प्रधान संगठन, नैनीताल का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शासन स्तर से मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई और स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से ग्राम प्रधानों में नाराजगी बढ़ गई है। संगठन ने अब आंदोलन को और धार देने का निर्णय लिया है।
जिला ग्राम प्रधान संगठन की ओर से बताया गया कि 24 सितंबर 2026 को ग्राम प्रधानों की समस्याओं और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को मांग-पत्र भेजा गया था। संगठन का आरोप है कि मांग-पत्र भेजे जाने के बावजूद अभी तक उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे ग्राम प्रधानों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
जिला ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने कहा कि ग्राम प्रधान सरकार की योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने और गांवों के विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद ग्राम प्रधानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और मांगों को लेकर शासन स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि 28 सितंबर से प्रदेश संगठन की ओर से पंचायती राज विभाग मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन अभी तक मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। संगठन का कहना है कि लगातार आंदोलन के बावजूद यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है तो विरोध को और व्यापक किया जाएगा।
ग्राम प्रधान संगठन के मीडिया प्रभारी एवं कमलुवागांजा के ग्राम प्रधान मनीष भट्ट ने कहा कि ग्राम प्रधानों की मांगों की लगातार अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को शासन और प्रशासन तक पहुंचाता रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को ब्लॉक स्तर से आगे बढ़ाकर व्यापक रूप दिया जाएगा।
7 अक्टूबर को हल्द्वानी ब्लॉक में धरना और सांकेतिक तालाबंदी
आंदोलन के अगले चरण में विकासखंड हल्द्वानी ग्राम प्रधान संगठन ने 7 अक्टूबर 2026 को विकासखंड कार्यालय हल्द्वानी में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक तालाबंदी करने का निर्णय लिया है। संगठन के अनुसार इस दौरान ग्राम प्रधान अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे।
इसके साथ ही ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठकों का भी संगठनात्मक रूप से बहिष्कार किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह कदम शासन का ध्यान ग्राम प्रधानों की लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए उठाया जा रहा है।
व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है आंदोलन
जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रधानों का यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। आंदोलन का उद्देश्य 10 सूत्रीय मांगों और ग्राम प्रधानों की लंबित समस्याओं पर शासन का ध्यान आकर्षित करना है।
संगठन ने शासन से मांग की है कि 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और उनकी स्थिति को लेकर ग्राम प्रधान संगठन को लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्राम प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे जिला एवं प्रदेश स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।
जारीकर्ता: मनीष भट्ट, मीडिया प्रभारी, ग्राम प्रधान संगठन

