रामलीला मैदान के शुद्धिकरण पर कांग्रेस का हल्लाबोल, भाजपा सरकार का पुतला फूंक जताया विरोध
हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कराए गए शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने शुद्धिकरण की कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित और अपमानजनक बताते हुए बुधवार को भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम पूरी तरह लोकतांत्रिक और राजनीतिक था। ऐसे में सभा समाप्त होने के बाद धार्मिक भावनाओं का हवाला देकर स्थल का शुद्धिकरण कराया जाना सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई के जरिए राजनीतिक माहौल को जानबूझकर खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को लोकतांत्रिक कार्यक्रमों और विपक्षी दलों के प्रति इस तरह की सोच से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का माहौल बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण की घटना से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति को कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शुद्धिकरण की कार्रवाई का विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे मुद्दों का विरोध करती रहेगी और जनता के सामने भाजपा की कथित राजनीतिक सोच को उजागर किया जाएगा।
कांग्रेस ने मांग की कि राजनीतिक कार्यक्रमों को धार्मिक विवाद का विषय बनाने के बजाय लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दी जाए। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि रामलीला मैदान के शुद्धिकरण की घटना को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।



