देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है।
मामले में न्याय की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद का ऐलान किया गया है। इस बंद को कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से कराई जाए, ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके।
पार्टी नेताओं का कहना है कि अब तक की जांच में कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर संदेह बना हुआ है और बिना उच्चतम न्यायालय की निगरानी के सच्चाई सामने आना मुश्किल है।
उत्तराखंड बंद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है, हालांकि परिवहन और बाजारों पर आंशिक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों में शामिल न हों।











