ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

ओखलकांडा का देवगुरु बृहस्पति मंदिर बना आस्था का केंद्र, 1100 विष्णु सहस्रनाम पाठ से ऐतिहासिक अनुष्ठान

भीमताल। देवगुरु बृहस्पति देव मंदिर इन दिनों एक भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बन रहा है।

प्राचीन काल से देवगुरु बृहस्पति की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध इस पावन धाम में परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार निरंतर पूजा-अर्चना जारी है।

मंदिर के प्रधान पुजारी हेमचंद्र जोशी के नेतृत्व में आचार्यों और 35 ब्राह्मणों द्वारा प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम के 1100 पाठ संपन्न किए जा रहे हैं, जो अत्यंत दुर्लभ और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जा रहा है।

साथ ही प्रतिदिन विधि-विधान से रुद्राभिषेक भी किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा और आस्था का विशेष वातावरण बना हुआ है।

देश-विदेश से श्रद्धालु निरंतर मंदिर पहुंचकर पूजन एवं अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। इस प्रकार का विशाल और संगठित धार्मिक आयोजन प्राचीन काल के बाद पहली बार आयोजित हो रहा है, जिससे इसे ऐतिहासिक महत्व प्राप्त हुआ है।

यह आयोजन उमा भारती की देवगुरु बृहस्पति के प्रति गहरी श्रद्धा और मंदिर प्रबंधन समिति के सहयोग से संपन्न हो रहा है।

आयोजन में प्रधान पुजारी हेमचंद्र जोशी, समिति अध्यक्ष जितेंद्र बोहरा, उपाध्यक्ष हीराबल्लभ जोशी, महासचिव मदन नॉलिया, मुख्य कार्यकारी उत्तम नयाल सहित कई जनप्रतिनिधियों, स्थानीय जनता और प्रशासन का सराहनीय योगदान रहा।

मंदिर परिसर में गुफा में निवास करने वाले संत प्रेमानंद महाराज सहित सभी श्रद्धालुओं ने आयोजन की सफलता के लिए सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार को सशक्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

यह भी पढ़ें :  डॉ ऋतु रखोलिया को एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड, बाल रोग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान

You missed

error: Content is protected !!