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 गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर कोर्ट ने उठाए सवाल, पुलिस से मांगा जवाब; 30 हजार के निजी मुचलके पर रिहाई

रिपोर्टर: गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। भवाली के चर्चित नरेश पांडे प्रकरण में शुक्रवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। जिस युवती ने उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, उसी युवती को बाद में आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। हालांकि अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए युवती को 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने युवती की गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस से कई महत्वपूर्ण सवाल किए। पुलिस की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर न्यायालय ने नाराजगी जताई और रिमांड देने से इनकार करते हुए युवती को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

ऐसे शुरू हुआ था मामला

मामले की शुरुआत तब हुई थी जब भवाली निवासी एक युवती ने कोतवाली मल्लीताल में उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। युवती ने आरोप लगाया था कि नरेश पांडे ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

बयान बदलने से बदला घटनाक्रम

कुछ समय बाद युवती ने अपने पहले दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने की बात कही और तल्लीताल थाने में तीन अन्य युवकों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कराया। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों युवकों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर नरेश पांडे के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया था।

दूसरी महिला की शिकायत के बाद नया मोड़

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब एक अन्य महिला सामने आई। उसने आरोप लगाया कि नरेश पांडे और पहली शिकायतकर्ता युवती मिलकर अन्य युवतियों, विशेष रूप से कॉलेज छात्राओं, को अपने जाल में फंसाने का काम करते थे। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और पहली शिकायतकर्ता युवती को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया।

बचाव पक्ष ने उठाए सवाल

शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता जयंत नैनवाल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस एफआईआर में युवती स्वयं पीड़िता के रूप में दर्ज थी, उसी मामले में पुलिस ने उसे आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई कानून और प्रक्रिया दोनों के लिहाज से गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद युवती को रिहा कर दिया गया है। वहीं, नरेश पांडे प्रकरण में पुलिस की जांच जारी है और पूरे मामले पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।

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