उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में हरिद्वार के भगवानपुर में एक 18 वर्षीय किशोर की बरसाती नदी में डूबने से मौत हो गई, जबकि नैनीताल में एक विशाल पेड़ गिरने से दो राहगीर घायल हो गए।
बारिश के चलते प्रदेशभर में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 118 सड़कें बंद हो गई हैं। उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी लगातार बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हो रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके चलते देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
पिछले 24 घंटों में भगवानपुर में 232 मिमी, रुड़की में 190 मिमी, कीर्तिनगर में 140 मिमी, लक्सर में 114 मिमी, कालाढूंगी में 82 मिमी और मसूरी में 74.1 मिमी सहित कई क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना, भागीरथी, पिंडर, काली और गोरी सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि फिलहाल सभी नदियां चेतावनी स्तर से नीचे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी लगातार निगरानी कर रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने, सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


