हल्द्वानी। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के दरबार में आज एक चौंका देने वाला मामला पहुंचा,जहां सोलर वेंडर्स के खिलाफ शिकायतें आईं लोगों का कहना है कि सोलर प्लांट लगाते वक्त वेंडर्स बड़े-बड़े वादे करते हैं।
बिजली उत्पादन के ऊंचे दावे किए जाते हैं लेकिन जब प्लांट चालू होता है, तो हकीकत कुछ और ही निकलती है ना तो उतनी बिजली बन पा रही है, और ना ही उपभोक्ताओं को मिल रहा है उम्मीद के मुताबिक फायदा इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने साफ निर्देश दिए हैं।
कि उपभोक्ता अपने सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच करें, और यह सुनिश्चित करें कि उनका सोलर प्लांट तय मानकों के अनुसार बिजली उत्पादन कर रहा है या नहीं।” साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी अब बड़ा सवाल ये है, क्या सोलर के नाम पर हो रहा है।
बड़ा खेल या फिर जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई फिलहाल कुमाऊं कमिश्नर ने सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं से गुजारिश की है कि आप लगाने से पहले पूरे डॉक्यूमेंटेशन करें और जिस भी आप लगवा रहे हैं उसे पता करें कि कितने किलो वाट का है और कितनी बिजली उत्पादन करेगा।

