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उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की आड़ में साजिश के आरोपों को लेकर हाल ही में बड़ा एक्शन लिया गया है।

इस मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।

देहरादून के नेहरू कालोनी थाना में पूर्व जिला पंचायत सदस्य  आरती गौड़ की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया।

शिकायत में आरती ने आरोप लगाया कि उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर उनके खिलाफ फेसबुक पर भ्रामक, अश्लील और तथ्यहीन सामग्री लगातार पोस्ट कर रहे हैं।

आरती गौड़ ने बताया कि उर्मिला सनावर ने पिछले लगभग तीन साल से उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और कई बार जान से मारने की धमकी दी।

साथ ही, एआई तकनीक से अश्लील वीडियो वायरल करने और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धमकियां भी दी गई हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया कि पहले उर्मिला ने झूठे मुकदमे दर्ज कर अवैध धनराशि की मांग की थी और न देने पर अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले में फंसाने की धमकी दी।

शिकायत में यह भी आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनके आधार कार्ड और मोबाइल नंबर वायरल किए गए, जिससे उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। वहीं, हरिद्वार के बहादराबाद थाने में डॉ. धर्मेंद्र कुमार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

तहरीर में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक ऑडियो-वीडियो फैलाकर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की छवि खराब करने की कोशिश की गई, जिससे उनकी सामाजिक-राजनीतिक प्रतिष्ठा और रविदासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।

 उर्मिला सनावर के खिलाफ पहले से ही नेहरू कॉलोनी, हरिद्वार के रानीपुर और बहादराबाद थाने में अश्लील सामग्री पोस्ट करने और धार्मिक-जातीय उन्माद फैलाने के मामले दर्ज हैं, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।

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