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रानीखेत। रानीखेत सांस्कृतिक समिति द्वारा मिशन इंटर कॉलेज में सांस्कृतिक वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें जूनागढ़ गुजरात से आई संस्कृतिकर्मी डॉ निष्ठा देसाई ने रानीखेत की सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुतियों से जुड़ी रहीं महिलाओं के साथ वार्तालाप कर जरुरी टिप्स दिए।

दो घंटे तक चले कार्यक्रम में संस्कृति समाज और संस्कार पर गहन चर्चा हुई। डॉ देसाई ने लोक संस्कृति की विधाओं पर चर्चा की साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि लोक से परिचय कराना और उसके उपादानों से बच्चों को जोड़ कर रखना व संस्कारिक बनाना मां का‌ दायित्व है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों को छोड़ दें तो शहरों से‌ दूर बसे कस्बों गांवों में अपनी संस्कृति से जुड़ाव आज भी देखा जा सकता है।

उन्होंने सौराष्ट्र से‌ लेकर उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर चर्चा की और उसे महनीय बताया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल‌ सती ने कहा कि सांस्कृतिक विविधताओं के देश में सभी प्रांतों की संस्कृति अनूठी है जिसे सीख कर हम उसे नई पीढ़ी को हस्तांतरित करें । उन्होंने आश्वस्त किया कि इस तरह के उपयोगी कार्यक्रम भविष्य में भी अविच्छिन्न रूप से जारी रहेंगे।

इससे पूर्व सांस्कृतिक समिति की ओर से महिलाओं ने डॉ देसाई का शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। चेली ब्वारी महिला समूह, बद्री व्यू महिला संगठन, मां दूनागिरी सांस्कृतिक महिला समूह‌ और स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल की महिलाओं, शिक्षिकाओं ने उन्हे स्मृति चिह्न भेंट किए।

कार्यक्रम में मई माह में महिलाओं ओर बच्चों के लिए विभिन्न लोक नृत्यों की कार्यशाला आयोजित करने पर सहमति बनी। जिसमें आमंत्रित प्रसिद्ध कोरियोग्राफर बच्चों और महिलाओं को नृत्य प्रशिक्षण देंगे।

इस अवसर‌ पर‌ सांस्कृतिक समिति के हरीश लाल साह, गौरव तिवारी, परम मेहरा ,अभिषेक कांडपाल उपस्थित रहे।

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