धामी सरकार का बड़ा कदम: ₹1000 करोड़ की ‘बारानी कृषि परियोजना’ से बदलेगी उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की तस्वीर
देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और पहाड़ी क्षेत्रों में आधुनिक एवं पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने ‘खेत बचाओ अभियान’, विश्व बैंक समर्थित जलवायु अनुकूल कृषि परियोजना और बागवानी विकास योजनाओं के जरिए किसानों को तकनीकी, वित्तीय और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत बड़ी नर्सरी की स्थापना पर ₹4 करोड़ और छोटी नर्सरी के लिए ₹2 करोड़ तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। वहीं न्यूजीलैंड के सहयोग से ₹15 करोड़ की लागत वाली कीवी उत्पादन परियोजना शुरू की गई है। मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिससे सेब उत्पादकों को वायरस-मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध होंगे। इसके अलावा चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को मजबूत करने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से ₹1000 करोड़ की जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2030 तक चलने वाली इस योजना से राज्य के आठ पर्वतीय जिलों के करीब 76 हजार किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
फसलों को बंदरों और जंगली सूअरों से बचाने के लिए सरकार ने खेतों की फेंसिंग हेतु ₹20 करोड़ का विशेष बजटीय प्रावधान किया है। साथ ही ‘स्थानीय फसल प्रोत्साहन कार्यक्रम’ के तहत राजमा, गहत, भट्ट, कौणी, रामदाना और लाल चावल जैसी पारंपरिक फसलों के बीज किसानों को 100 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन फसलों के लिए न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा ‘उत्तराखंड महक क्रांति नीति’ के तहत लेमनग्रास, डैमास्क गुलाब और अन्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
कीवी उत्पादन, बागवानी और मोटे अनाजों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।


