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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचएफआरआई), शिमला के पूर्व निदेशक डॉ. एस.एस. सामंत को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत (नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज इंडिया- NASI), प्रयागराज द्वारा प्रतिष्ठित नासी सीनियर साइंटिस्ट फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। साथ ही उन्होंने हाल ही में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी में अपना कार्यभार ग्रहण किया है।

डॉ. सामंत देश और विदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वे फैलो ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, फैलो ऑफ रॉयल सोसाइटी ऑफ बायोलॉजी, फैलो ऑफ लिनियन सोसाइटी तथा फैलो ऑफ एथ्नोबोटेनिस्ट जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा वे उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंटिस्ट एमेरिटस के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

अपने लंबे वैज्ञानिक और अकादमिक करियर में डॉ. सामंत को अब तक 13 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में 38 शोधार्थियों ने पीएचडी, जबकि 14 विद्यार्थियों ने डीफिल और एमएससी स्तर के शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। उन्होंने 40 शोध परियोजनाओं को पूरा किया है तथा उनके 392 वैज्ञानिक शोध-पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं।

डॉ. सामंत ने अपने शोध कार्यों के सिलसिले में यूनाइटेड किंगडम, चीन, नेपाल और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों की अकादमिक यात्राएं भी की हैं। उनका प्रमुख शोध क्षेत्र हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पारिस्थितिकी (इकोलॉजी), इकोसिस्टम सर्विसेज तथा औषधीय पौधों से जुड़ा रहा है। उनके शोध कार्यों ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

डॉ. सामंत को मिली इस उपलब्धि पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) तथा विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। कूटा की ओर से प्रो. ललित तिवारी, डॉ. नीलू, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. शिवांगी, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी और डॉ. अशोक कुमार सहित एलुमनी सेल के डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. जी.सी. जोशी, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे तथा डॉ. रितेश साह ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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