नैनीताल। माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र, कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में इको प्रिंटिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्र निदेशक प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा के निर्देशन में किया गया, जिसमें खुर्पाताल, नैनीताल, घुघुखान और रामनगर क्षेत्र से विभिन्न महिला उद्यमियों तथा गार्गी महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को इको प्रिंटिंग की मूलभूत तकनीकों एवं उसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके बाद महिलाओं को सूती स्टॉल्स पर इको प्रिंटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने घोस्ट प्रिंटिंग और मिरर प्रिंटिंग तकनीकों को सीखा और उनका अभ्यास भी किया।
कार्यशाला में हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पेड़-पौधों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक पत्तियों, फूलों तथा मंदिरों और बगीचों में उपलब्ध सूखे फूलों का उपयोग आकर्षक डिजाइनों और प्रिंटिंग कार्यों में किया जा सकता है।
प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा ने बताया कि भविष्य में माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में स्नातक स्तर पर इस विषय से संबंधित अध्ययन प्रारंभ किए जाने की योजना है। साथ ही स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में भी ऐसे पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे। वर्तमान में महिला अध्ययन विषय के जनरल इलेक्टिव (GE) पाठ्यक्रम लेने वाले विद्यार्थियों को भी इस प्रकार का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा एवं डॉ. किरण तिवारी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में प्रेमा त्रिपाठी, अवनी, दीप्ति पटवाल, ममता, रोहिणी सूरी, विनीता राठौड़, राकेश, सचिन, काजल, अविनाश, सत्येंद्र, खुशबू सहित डीएसबी परिसर के विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।


