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देहरादून।  परेड ग्राउंड में वर्षवार नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर चल रहा नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन मंगलवार को और उग्र हो गया। आंदोलन के तहत पानी की टंकी पर चढ़े चार नर्सिंग बेरोजगारों और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने दूसरे दिन भी नीचे उतरने से इनकार कर दिया।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब ज्योति रौतेला ने विरोध स्वरूप अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य प्रदर्शनकारियों में हड़कंप मच गया।

साथियों ने तुरंत उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। पुलिस और प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से नीचे उतरने की अपील करते रहे, लेकिन उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले चल रहा धरना मंगलवार को 159वें दिन और अनशन 24वें दिन में प्रवेश कर गया। सोमवार सुबह से कविता पुंडीर, धमेंद्र, विनोद, आनंद और ज्योति रौतेला पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि वार्ता के लिए नहीं पहुंचा।

दोपहर के समय टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारियों तक खाना और पानी पहुंचाने को लेकर पुलिस और नर्सिंग बेरोजगारों के बीच तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस खाने-पानी की व्यवस्था में बाधा डाल रही है।

इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व विधायक राजकुमार, सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा से बाबी पंवार और त्रिभुवन चौहान समेत कई संगठनों और पूर्व सैनिकों ने आंदोलन को समर्थन दिया।

समर्थन देने पहुंचे पूर्व सैनिकों और पुलिस के बीच भी नोकझोंक देखने को मिली। वहीं, इंटरनेट मीडिया पर लाइव के दौरान भावुक हुईं ज्योति रौतेला ने कहा कि “प्रदेश के बच्चे सड़कों पर परेशान हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।”

धरनास्थल पर कई महिला नर्सिंग बेरोजगार अपने छोटे बच्चों के साथ डटी हुई हैं। रुड़की की निर्मला जोशी अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ, जबकि अन्य महिलाएं भी बच्चों समेत आंदोलन में शामिल हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार समय रहते मांगें मान लेती, तो उन्हें इस तरह आंदोलन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।

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