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निवेश के नाम पर 1.87 करोड़ की ठगी, ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी बने साइबर जालसाजों का शिकार

देहरादून। निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने ओएनजीसी से रिटायर्ड एक बुजुर्ग से करीब 1.87 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले में पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

राजेंद्र नगर, कौलागढ़ रोड निवासी 70 वर्षीय दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2016 में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन से सेवानिवृत्त होने के बाद 31 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया गया। खुद को निवेश सलाहकार बताने वाली महिला ने उन्हें आदित्य बिरला सन लाइफ से जुड़ा अधिकारी बताकर निवेश योजना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

आरोपियों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाए और भरोसा दिलाया। बाद में उन्हें वीआईपी ग्रुप में शामिल कर हाई नेटवर्थ ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया गया। आरोपियों ने खुद को अधिकृत बताने के लिए कथित भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का रजिस्ट्रेशन नंबर भी साझा किया।

शुरुआत में पीड़ित ने 49 हजार रुपये निवेश किए। खाते में दिख रहे फर्जी मुनाफे के लालच में उन्होंने अलग-अलग खातों में कुल 1 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा आरोपियों ने ब्रोकरेज शुल्क के नाम पर 70 लाख रुपये और जमा करा लिए।

जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने पहले एक करोड़ रुपये ब्रोकरेज और फिर एक करोड़ रुपये आयकर के नाम पर जमा करने का दबाव बनाया। इस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर क्राइम थाना में तहरीर दी गई।

पीड़ित ने शिकायत में दीया मेहरा, अनन्या शास्त्री और खुद को प्रोफेसर ए. बालासुब्रमण्यम बताने वाले व्यक्ति समेत अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।

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