उत्तराखंड की युवतियों को प्रलोभन देकर दूसरे प्रदेशों के लोग विवाह के लिए साथ ले जा रहे हैं।
पुलिस को इस प्रकार की शिकायतें मिल रही हैं। पुलिस ने ऐसी युवतियों के शोषण की आशंका जताई है।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने इस संबंध में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने अधिकारियों की बैठक में ऐसे इलाकों को चिह्नित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने मानव तस्करी में लिप्त आरोपियों का डाटाबेस भी तैयार करने को कहा।
आईजी गढ़वाल ने बैठक में सातों जनपदों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित विवेचनाओं की जानकारी मांगी।
देहरादून में छह, हरिद्वार में आठ और पौड़ी में एक जांच लंबित है। उन्होंने गुमशुदगी के मामलों की जांच को एसओपी के संबंध में ब्रीफ किया।
पांच वर्षों के गुमशुदगी और बरामदगी मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों की गुमशुदगी की जांच पंजीकरण के तत्काल बाद एएचटीयू के सुपुर्द की जाए।
आईजी ने कहा कहा कि आपदा के दौरान अनाथ हुए बच्चों का डाटाबेस तैयार किया जाए। जिला प्रशासन के समन्वय से इन बच्चों की पूरी देखभाल कर उनके आश्रय की व्यवस्था भी की जाए।
पुलिस भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों पर भी नजर रखेगी। शिकायत मिल रही है कि कुछ लोग नाबालिग बच्चों को अपने साथ रखकर उन्हें अपना पुत्र-पुत्री बताकर भिक्षावृत्ति करा रहे हैं।
ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि बाल आश्रय गृहों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए।

