एटीएस इंस्पेक्टर बनकर बुजुर्ग से 8.8 लाख की ठगी, आतंकवादियों की तस्वीर भेज जेल भेजने का दिखाया डर
अल्मोड़ा। भतरौंजखान थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को एटीएस विभाग पुणे का अधिकारी बताकर एक 64 वर्षीय बुजुर्ग को आतंकवाद मामले में फंसाने और जेल भेजने का भय दिखाकर 8.8 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद समेत एक अज्ञात कॉलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार 10 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप नंबर से संदेश आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया। आरोपी ने दावा किया कि एक मोबाइल नंबर आतंकवादियों से जुड़ा हुआ है और उससे पैसे ट्रांसफर हुए हैं। साथ ही उसने फर्जी केस नंबर, कथित आतंकवादियों की तस्वीरें और नकली दस्तावेज भेजकर बुजुर्ग को डराया-धमकाया।
पीड़ित ने बताया कि आरोपित लगातार वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क में रहे। 10 मार्च से 13 मार्च तक हर घंटे “आई एम सेफ, नेशनल सीक्रेट इज सेफ” लिखकर मैसेज भेजने का दबाव बनाया गया। बाद में दूसरे नंबरों से संपर्क कर एक अन्य व्यक्ति ने खुद को नया जांच अधिकारी विजय खन्ना बताया।
ठगों ने बुजुर्ग को मोबाइल सर्विलांस पर होने की बात कहकर किसी को भी जानकारी साझा करने से मना किया और मानसिक दबाव बनाते रहे। इसी दौरान उन्होंने पीड़ित से गूगल-पे अकाउंट बनवाया, बैंक कार्ड सक्रिय करवाए और जांच प्रक्रिया के नाम पर रकम जमा कराने को कहा।
18 मार्च से 31 मार्च के बीच ठगों ने नौ अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 8.8 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है।
थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर सुमित मिश्रा, विजय खन्ना और एक अज्ञात कॉलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस साइबर ठगी के पूरे मामले की जांच कर रही है।

