नैनीताल। ऑल सेंट्स कॉलेज, नैनीताल के जूनियर स्कूल में उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को पारंपरिक उत्साह, सांस्कृतिक गरिमा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। आगामी अवकाश के चलते विद्यालय में बुधवार को ही हरेला उत्सव आयोजित किया गया।
हरेला पर्व की शुरुआत परंपरा के अनुसार 7 जुलाई को हुई थी, जब कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के बीज बोकर हरेला उगाया। बुधवार को आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को हरेला पर्व के सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह पर्व हरियाली, समृद्धि, प्रकृति के प्रति आस्था और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है।
कार्यक्रम में कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने हरेला विषय पर आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक चार्ट प्रस्तुत किए। वहीं, कुछ छात्राएँ पारंपरिक कुमाऊँनी लहंगे और रंगवाली पिछौड़ा पहनकर कार्यक्रम में शामिल हुईं, जिससे उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि छात्रावास में रहने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा नेपाल के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित हुए।
समापन पर सभी विद्यार्थियों के मस्तक पर पिठिया लगाकर उनके सिर पर हरेला रखा गया। इस पारंपरिक अनुष्ठान के माध्यम से बच्चों को प्रकृति के प्रति सम्मान, उसकी उदारता के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने, हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण के लिए सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा दी।
विद्यालय ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम, सम्मान और संरक्षण की भावना विकसित करना है।



