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हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के नेतृत्व में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित मंदिर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार तड़के हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चौथे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि मंदिर की गद्दी (उत्तराधिकार) को लेकर चल रहे विवाद ने इस जघन्य वारदात को जन्म दिया। आरोपियों ने दो साधुओं की धारदार हथियार से निर्मम हत्या करने के बाद उनके शव आश्रम परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिए। इसके बाद उन्होंने वारदात के सभी सबूत मिटाने का प्रयास भी किया।

21 जुलाई को मिली थी हत्या की सूचना

21 जुलाई को पथरी थाने में उत्तम झा के साथ पहुंचे पंकज निवासी ऐथल ने पुलिस को सूचना दी कि मंदिर में रहने वाले दो साधुओं की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मौके पर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

मुखबिर की सूचना पर जंगल से दबोचे आरोपी

जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या में मृतकों के परिचित ही शामिल हैं। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने बुधवार अलसुबह काठा पीर के जंगल में दबिश देकर अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में तीनों आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंदिर की गद्दी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक पारस गिरी ने मंदिर की गद्दी सेवा गिरी को सौंप दी थी, जिससे आरोपी नाराज थे। इसी रंजिश में चारों आरोपियों ने पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर धारदार हथियार ‘पाठल’ से पहले सेवा गिरी और बाद में पारस गिरी की हत्या कर दी।

शव दफनाए, सबूत मिटाए और गवाह को धमकाया

हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों साधुओं के शवों को आश्रम के पास गड्ढा खोदकर दफना दिया। इसके बाद घटनास्थल पर फैले खून के निशान साफ किए और खून से सना गद्दा जलाकर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रत्यक्षदर्शी उत्तम झा को भी जान से मारने की धमकी दी और उसका मोबाइल व सिम कार्ड तोड़कर वहां से भाग जाने की सलाह दी।

हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए दो फावड़े और एक धारदार हथियार (पाठल) बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।

गिरफ्तार आरोपी

अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42), निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, पथरी

आशु (37), निवासी इस्माइलपुर, थाना लक्सर

राममिलन (38), मूल निवासी उत्तरकाशी, वर्तमान निवासी करनाल (हरियाणा)

पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर विधिक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया है, जबकि फरार चौथे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले के शीघ्र खुलासे पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

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