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कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा “प्रोटेक्टिंग आईपीआर एंड आईपी मैनेजमेंट” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम 24 अप्रैल 2026 को आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. वीना पांडे, कोऑर्डिनेटर आईपीआर सेल एवं विभागाध्यक्ष बायोटेक्नोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर प्रो. आशीष तिवारी के स्वागत संबोधन से हुई, जबकि संचालन प्रो. ललित तिवारी द्वारा किया गया।

अपने व्याख्यान में प्रो. वीना पांडे ने बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के महत्व, उसके विभिन्न प्रकारों और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि IPR न केवल व्यक्तिगत नवाचारों की सुरक्षा करता है, बल्कि सरकार और समाज दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

उन्होंने IPR के सात प्रमुख प्रकारों—पेटेंट एक्ट 1970, डिजाइन एक्ट 2000, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, जियोग्राफिकल इंडिकेशन फॉर गुड्स एक्ट 1999, कॉपीराइट एक्ट 1957, प्रोटेक्शन ऑफ इंटीग्रेटेड सर्किट्स लेआउट एक्ट 2000 और प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैरायटी एक्ट 2001—के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पेटेंट फाइल करने की प्रक्रिया, संबंधित कार्यालयों, जियोग्राफिकल इंडिकेटर और IPR प्रमाणपत्रों की भी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. हरिप्रिया पाठक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. गीता तिवारी, प्रो. लज्जा भट्ट, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. श्रुति साह, डॉ. नीता आर्या, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. नवीन पांडे सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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