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भूस्खलन से पहाड़ी मार्ग बाधित, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और पहाड़ों से मलबा व बोल्डर गिरने के कारण 32 सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें युद्धस्तर पर मलबा हटाने में जुटी हुई हैं।

लगातार बारिश के चलते प्रदेश की नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। अलकनंदा सहित कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि निचले इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार मंगलवार को सबसे अधिक 107 मिमी वर्षा पंतनगर में दर्ज की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 79.5 मिमी, रुद्रपुर में 43.5 मिमी, यमकेश्वर में 38 मिमी, किच्छा में 32.5 मिमी, खानपुर में 27 मिमी, देहरादून और लक्सर में 19-19 मिमी, हाथीबड़कला में 15 मिमी, पिथौरागढ़ में 8.9 मिमी तथा लोहाघाट में 8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग ने आगामी 8 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

प्रदेशभर में राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

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