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नैनीताल में तल्लीताल स्थित गांधी मूर्ति के समीप आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ किया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन।

रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत सरकार से आशा कर्मियों सहित सभी स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को तल्लीताल डाँठ पर आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने बताया कि आशाए सालों से अपनी सेवाएं देती आ रही है कोरोना काम मे भी उन्होबे अपनी जान हाथ मे रख ईमानदारी से बिना डरे अपना कार्य किया इसकी एवज में उन्हें उनका मानदेह नही दिया जा रहा है।

जिस ओर उन्होंने अपनी 4 मांगे प्रमुख रखी जिसने उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स को नियमित मासिक वेतन, कर्मचारी का दर्जा व सेवानिवृत्त होने पर सभी आशाओं को अनिवार्य पेंशन का प्रावधान किया जाय।

सेवानिवृत्त होने वाली आशा वर्कर्स को जब तक पेंशन योजना का लाभ नहीं दिया जाता तब तक रिटायरमेंट के समय एकमुश्त 10 लाख का भुगतान किया जाय।

आशाओं को विभिन्न मदों के लिए दिए जाने वाले पैसे कई कई महीनों तक लटकाने के स्थान पर अनिवार्य रूप से हर महीने दिए जाने की मांग की है।

इस दौरान हेमा, दीपा,बबीता,गीता, मुन्नी, दुर्गा टम्टा, भगवती, प्रभा, ममता नीलम,अनीता,सुनीता आदि आशा कार्यकर्ता शामिल रही।

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