रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस मुठभेड़ में गैंग के शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया गया। एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि जितेंद्र चौधरी अपने साथियों के साथ बिना नंबर प्लेट की सफेद रेनॉल्ट क्विड कार में सवार होकर डिबडिबा क्षेत्र में अपने प्रतिद्वंद्वी पर जानलेवा हमला करने जा रहा है। सूचना के आधार पर जाफरपुर कट के पास घेराबंदी की गई, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपी कार लेकर भाग निकले।
पीछा करने पर यूनिटी लॉ कॉलेज के पास कार अनियंत्रित होकर तारबाड़ से टकरा गई। इसके बाद आरोपी खेतों और बाग की ओर भाग गए और पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस पर करीब आधा दर्जन राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने घायल आरोपी को जिला चिकित्सालय रुद्रपुर में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। मौके से तीन तमंचे (315 बोर), आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक सफेद रेनॉल्ट क्विड कार बरामद की गई।



