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कालाढूंगी में हनुमान चालीसा पाठ के बाद सैकड़ों युवाओं ने जताया विरोध, कानून को बताया सवर्ण विरोधी

रिपोर्टर – नीरज तिवारी
कालाढूंगी। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC कानून को लेकर देशभर में विरोध के स्वर तेज़ होते जा रहे हैं।

कालाढूंगी तहसील परिसर में आज UGC कानून के विरोध में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

यह प्रदर्शन पूर्व भाजपा नेता एवं सनातन जागृति ट्रस्ट के अध्यक्ष विपिन पांडे के नेतृत्व में किया गया, जिसमें सैकड़ों युवाओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
प्रदर्शन की शुरुआत तहसील परिसर में श्री हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ की गई। इसके पश्चात प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी कालाढूंगी विपिन चंद्र पंत के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
UGC कानून से समाज में विभाजन का खतरा: विपिन पांडे
इस मौके पर विपिन पांडे ने कहा कि प्रस्तावित UGC कानून को तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए, क्योंकि यह कानून समाज को जातिगत आधार पर विभाजित करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के प्रावधानों में सवर्ण समाज के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
विपिन पांडे ने कहा,
“UGC कानून के तहत सवर्ण समाज के लोगों को बिना किसी निष्पक्ष जांच के ही अपराधी मान लिया जाएगा, जो कि अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। ऐसा कानून देश की एकता और सामाजिक समरसता के लिए घातक साबित हो सकता है।”
सरकार से ‘काला कानून’ वापस लेने की मांग
उन्होंने बताया कि तहसील परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ इस उद्देश्य से किया गया कि सरकार को सद्बुद्धि प्राप्त हो और वह इस काले कानून को वापस लेने पर विचार करे।

विपिन पांडे ने भारत के प्रधानमंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप कर UGC कानून को निरस्त करने का अनुरोध किया।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन
पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हुए सरकार से इस कानून पर पुनर्विचार करने की मांग की।

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