ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

नई दिल्ली। देश में इनकम टैक्स की कई बड़ी छापेमारी हुई हैं, लेकिन क्या आप देश के इतिहास की उस सबसे बड़ी रेड के बारे में जानते हैं जहां अधिकारी मशीनों से पैसे गिनते-गिनते थक गए थे. छापेमारी की यह कार्रवाई 10 दिनों तक चली थी।
ऐसे में आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि इस रेड में कितना पैसा बरामद हुआ था. आइये आपको इस सबसे बड़ी इनकम टैक्स रेड के बारे में शुरू से आखिरी तक की पूरी जानकारी देते हैं।

देश की सबसे बड़ी इनकम टैक्स रेड ओडिशा राज्य में डाली गई थी. यहां शराब बनाने वाली कंपनी बौध डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमेटेड के कई डिवीजनों पर आयकर अधिकारियों ने दबिश दी थी।

10 दिनों तक चली इस छापेमारी में 352 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे. इस रेड की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान स्कैनिंग व्हील वाली मशीन लगाई थी ताकि जमीन के नीचे दबे कीमती सामानों का पता लगाया जा सके. इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया था।

इसके अलावा, इनकम टैक्स विभाग ने नोट गिनने के लिए 3 दर्जन मशीनें भी मंगवाई थीं, साथ ही यहां बड़ी संख्या में नकदी मिलने के कारण नोट गिनने के लिए अलग-अलग बैंकों से कर्मचारियों को बुलाया गया था।

छापेमारी के दौरान नोट और अधिकारियों को जमावड़ा ऐसा था कि मानो किसी फिल्म के लिए रेड का सीन फिल्माया जा रहा हो, लेकिन यह फिल्मी नहीं बल्कि पूरी तरह से रियल इनकम टैक्स रेड थी. इस छापेमारी में बरामद हुई रकम को ट्रक में लोडकर करके कड़ी सुरक्षा के बीच आयकर विभाग में जमा कराई गई।

केंद्र सरकार ने इस साल अगस्त में ओडिशा में हुई इस इनकम टैक्स की रेड डालने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया था. आयकर विभाग की इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रिंसिपल डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन अधिकारी एसके झा और अतिरिक्त निदेशक गुरप्रीत सिंह ने किया था।

यह भी पढ़ें :  नैनीताल में सुरक्षा दीवार से छेड़छाड़ पर बवाल, 1987 आपदा की याद से सहमे लोग
error: Content is protected !!