हल्द्वानी में डॉक्टरों के तबादले पर बवाल, आशा कार्यकर्ताओं का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
महिला चिकित्सालय के 8 और बेस अस्पताल के 9 डॉक्टरों के तबादले का विरोध, फैसले को जनविरोधी बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग।
हल्द्वानी। सरकारी अस्पतालों से बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले के बाद विरोध तेज हो गया है। कुमाऊं के सबसे बड़े महिला चिकित्सालय से 8 और बेस चिकित्सालय से 9 डॉक्टरों के स्थानांतरण के विरोध में आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों की कमी के बीच हुए तबादलों को जनहित के खिलाफ बताते हुए तत्काल आदेश वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में अनुभवी चिकित्सकों के तबादले से स्वास्थ्य सेवाएं और प्रभावित होंगी तथा दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार के इस फैसले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर होगी और आम लोगों को मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तबादला आदेश वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
हालांकि, इन तबादलों के पीछे प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल हल्द्वानी में इस फैसले के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


