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स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़क पर उतरे पार्षद और लोग, खून से लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

 बढ़े हुए बिजली बिल माफ करने और पुराने मीटर बहाल करने की मांग, सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा ज्ञापन

पार्षदों और स्थानीय लोगों ने निकाला मार्च, पुराने मीटर बहाल करने और विवादित बिजली बिलों की वसूली पर रोक लगाने की उठाई मांग

हल्द्वानी। शहर में स्मार्ट बिजली मीटरों के विरोध में बुधवार को जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। वार्ड-27 के पार्षद रोहित कुमार के नेतृत्व में पार्षदों और क्षेत्रवासियों ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट परिसर तक विरोध मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटर हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल माफ करने और विवादित बिलों की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान पार्षदों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। विरोध को प्रतीकात्मक रूप से दर्ज कराने के लिए प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था में गंभीर तकनीकी खामियां हैं और उपभोक्ताओं को बिना किसी स्पष्ट कारण के अत्यधिक बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं हो जाती, तब तक विवादित बिजली बिलों की वसूली पर रोक लगाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद आए बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर उन्हें माफ किया जाए, वर्तमान में लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाए जाएं तथा जांच पूरी होने तक किसी भी उपभोक्ता से विवादित बिल की वसूली न की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में पार्षद हेमंत कुमार मोना, सलीम सैफी, सलमान सिद्दीकी, रईस अहमद गुड्डू, समीर अंसारी, पार्षद प्रतिनिधि मुकीम सैफी, नदीम सैफी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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