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हाई टेंशन लाइन में कई पेड़ गिरने से आई दिक्कत, भारी बारिश व ओलावृष्टि के बीच  कड़ी मशक्कत के बाद कर्मियों ने 42 घंटे बाद पेड़ों को हटाकर क्षतिग्रस्त लाइन को किया ठीक 

रिपोर्टर – बलवंत सिंह रावत

अल्मोड़ा। सल्ट विकासखंड के सैकड़ों गांवों में बीते तीन दिनों से बिजली गुल होने से जलापूर्ति भी ठप रही। बिजली आपूर्ति बाधित होने से इन गांवों की प्यास बुझाने वाली पेयजल योजना के पंप जाम पड़ गए। ऐसे में क्षेत्र की 20 हजार की आबादी को मोमबत्ती और अन्य उपायों के सहारे घरों को रोशन करना पड़ा तो वे पानी के लिए बारिश के बीच प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हुए।
सल्ट के सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति करने वाली 11 केवीए लाइन में बीते शुक्रवार शाम अंधड़ से कई पेड़ गिरने से बिजली गुल हो गई। दो दिन तक खराबी दूर नहीं हुई तो इन गांवों में जलापूर्ति करने वाली शशीखाल-कोटेश्वर योजना के पंप जाम हो गए।

पंप का संचालन न होने से पानी लिफ्ट नहीं हो सका। ऐसे में क्षेत्र की 20 हजार की आबादी बिजली के साथ ही पानी के लिए तरस गई। नलों में पानी न आने से लोगों को बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

यूपीसीएल की टीम के लिए भारी बारिश और ओलावृष्टि के बीच पेड़ हटाकर लाइन ठीक करना चुनौती बन गया। कड़ी मशक्कत के बाद कर्मियों ने 43 घंटे बाद पेड़ों को हटाकर क्षतिग्रस्त लाइन ठीक की।

बिजली आपूर्ति सुचारू होने पर यूपीसीएल सहित क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बिजली आपूर्ति सुचारू होने के बाद योजना से मुख्य टैंक तक पानी लिफ्ट हुआ। जल निगम के मुताबिक सोमवार से जलापूर्ति सुचारू होगी।

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