कुमाऊं में लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का शव खाई से बरामद, 15 दिन की तलाश के बाद टूटा परिवार का इंतजार
बागेश्वर। पिछले 15 दिनों से लापता चल रहे पूर्व सभासद एवं अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का शव नदीगांव रोड स्थित डिगर पातल की गहरी खाई से बरामद हुआ है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने देर शाम रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को खाई से बाहर निकाला। अधिवक्ता की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, घटना से पूरे नगर में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार पिछले 15 दिनों से लापता थे। उनकी तलाश में परिजन लगातार पुलिस और प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि धीरेंद्र सकुशल वापस लौट आएंगे, लेकिन बुधवार को उनकी तलाश का अंत बेहद दुखद हुआ।
मामले में हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ के दौरान अधिवक्ता का शव नदीगांव रोड स्थित डिगर पातल की गहरी खाई में फेंके जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस आरोपी को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर शव की तलाश शुरू की।
दुर्गम खाई में चलाया रेस्क्यू अभियान
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान चलाया। खाई की गहराई और दुर्गम रास्ते के कारण टीम को शव बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार देर शाम टीम ने शव को खाई से बाहर निकाल लिया।
शव मिलने की सूचना फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के परिजनों के साथ ही अधिवक्ता, व्यापारी और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने रेस्क्यू अभियान में पुलिस और प्रशासन का सहयोग किया।
पिछले 15 दिनों से परिवार उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा था। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन शव मिलने की खबर ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
नगरवासियों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता का शव बरामद होने के बाद नगर के व्यापारियों, अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सख्त सजा दिलाने की मांग की है।
नगरवासियों का कहना है कि अधिवक्ता की मौत की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है।
पुलिस जुटी जांच में
इधर, पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। अधिवक्ता की मौत के पीछे की परिस्थितियों, घटना के कारणों और इसमें शामिल अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने में लगी है।
अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की मौत से बागेश्वर में शोक की लहर है। 15 दिनों तक उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे परिवार और नगरवासियों के लिए यह घटना गहरा आघात बनकर सामने आई है।

