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समान कार्य-समान वेतन और आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर विभागीय समायोजन/नियमितीकरण की मांग, 21 सितंबर को देहरादून परेड ग्राउंड में संयुक्त मोर्चे ने उठाई आवाज

देहरादून। प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों, निकायों और संस्थानों में वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।

संयुक्त मोर्चा आउटसोर्स कर्मचारी संघ, उत्तराखण्ड ने 21 सितंबर 2026 को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित रैली के बाद शासन को मांग-पत्र सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया।

संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष मंगलेश लखेड़ा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री पान सिंह चिलवाल ने किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की सहमति से कर्मचारियों की मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय की गई।

समान कार्य के आधार पर समान वेतन की मांग

संयुक्त मोर्चे की पहली प्रमुख मांग है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाए। संगठन का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से विभागों में नियमित कर्मचारियों के समान प्रकृति का कार्य कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें भी समान कार्य के आधार पर नियमित कर्मचारियों के समान वेतन एवं अनुमन्य सेवा लाभ दिए जाने चाहिए।

मोर्चे ने सर्वोच्च न्यायालय के 26 अक्टूबर 2016 के निर्णय को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी उठाई है।

आउटसोर्स और ठेका व्यवस्था समाप्त करने की मांग

दूसरी प्रमुख मांग वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने से जुड़ी है। संगठन ने कहा कि लंबे समय से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ठेका एवं आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त की जाए।

मोर्चे ने कर्मचारियों के विभागीय समायोजन एवं नियमितीकरण के लिए स्पष्ट और न्यायसंगत नीति बनाए जाने की मांग की है। साथ ही सेवा की निरंतरता के साथ वेतन, EPF, ESI और अन्य वैधानिक लाभ सुनिश्चित किए जाने की मांग रखी गई है।

5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

संयुक्त मोर्चे ने शासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 21 सितंबर की रैली के बाद सरकार यदि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं करती है, तो 5 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारी देहरादून परेड ग्राउंड में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।

मोर्चे ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में मुख्यमंत्री घेराव किए जाने की भी चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि आंदोलन के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

संयुक्त मोर्चे ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक पहल करेगी और वार्ता के माध्यम से वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान निकालेगी।

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