दिवाली के बाद कर्मचारियों को बड़ी राहत, 1 जुलाई से लागू होगी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस स्वीकृति के बाद राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए गए लाभ के अनुरूप की गई है। केंद्र सरकार ने भी सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत वेतन प्राप्त कर रहे अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है।
इन कर्मचारियों को भी मिलेगा बढ़ोतरी का लाभ
राज्य सरकार के इस निर्णय का लाभ केवल शासन के विभागों में कार्यरत नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राज्य विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के पात्र कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा यूजीसी वेतनमान के अंतर्गत वेतन प्राप्त करने वाले पात्र कर्मियों को भी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ ही कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक की अवधि के लिए बढ़े हुए महंगाई भत्ते की अंतर राशि पात्र कर्मचारियों को नकद भुगतान के रूप में दी जाएगी। यानी कर्मचारियों को चार महीने का बकाया एकमुश्त नकद मिलेगा।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाली वृद्धि के प्रभाव को कम करना और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को संतुलित बनाए रखना है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से भी महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी गई थी। इस फैसले से देशभर के लगभग 48.54 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलने का अनुमान है। केंद्र सरकार पर इस निर्णय से करीब 10,016.10 करोड़ रुपये का वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
उत्तराखंड सरकार के इस फैसले को राज्य कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ जुलाई से अक्टूबर तक का बकाया भी मिलने का इंतजार रहेगा।

