हल्द्वानी। पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्राओं के दौरान कथित अराजक गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।

संगठन ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार ने इस मामले में प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो वह आंदोलन शुरू करने को विवश होगा।

ज्ञापन में संगठन ने हाल के दिनों में कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग के नगरासू तथा पांवटा साहिब-उत्तराखंड सीमा पर हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक यात्राओं के माहौल को प्रभावित करने और सामाजिक तनाव बढ़ाने का प्रयास किया। संगठन ने इन घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्राएं शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हों, इसके लिए कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया तो एक सप्ताह बाद व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, महिला जिला अध्यक्ष प्रेमा मेर, नगर अध्यक्ष कविता जीना, जिला उपाध्यक्ष फौजी मदन फरत्याल, दीपा बोरा, हरेंद्र राणा, नगर संगठन मंत्री गीता बिष्ट, प्रदेश सचिव दीपा पांडे, युवा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सयालाकोटी, गोपाल दत्त पांडे, मनोज पांडे, नारायण सिंह बरगली, अजय शाह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  उत्तराखंड में महिला जज के अपहरण की कोशिश का आरोप, रैपिडो चालक पर FIR; सुनसान गली में ले जाकर धमकाने का दावा
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.