तीन वर्ष का होगा कार्यकाल, वन कीट विज्ञान एवं जैव विविधता के क्षेत्र में है 21 वर्षों से अधिक का शोध अनुभव

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार आर्या को विश्वविद्यालय का शोध निदेशक नियुक्त किए जाने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने उनका सम्मान करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कूटा पदाधिकारियों ने प्रो. आर्या को शॉल ओढ़ाकर तथा तिमूर का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। उनकी नियुक्ति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।

कूटा ने प्रो. मनोज कुमार आर्या को विश्वविद्यालय का शोध निदेशक नियुक्त किए जाने पर कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट का आभार व्यक्त किया। संघ ने उम्मीद जताई कि प्रो. आर्या के अनुभव और शोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। साथ ही शोधार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और शोध कार्यों के लिए प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

उनके शैक्षणिक एवं शोध कार्यों की बात करें तो उनके नाम तीन पुस्तकों और एक मोनोग्राफ का लेखन दर्ज है। इसके अतिरिक्त उनके 70 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वहीं, उनके 30 पुस्तक अध्याय भी प्रकाशित हुए हैं। उनका शोध कार्य वन कीट विज्ञान, जैव विविधता और पारिस्थितिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा है।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित

प्रो. आर्या को उनके शोध एवं शैक्षणिक योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें ग्लोबल इनोवेटर अवॉर्ड, आउटस्टैंडिंग मेंटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड, जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रदान किया गया प्रतिष्ठित माधवी श्याम मेडल तथा इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ साइंस एंड रिसर्च, कोलकाता द्वारा दिया गया रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड शामिल हैं।

प्रो. मनोज कुमार आर्या की नियुक्ति पर कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, प्रो. नीलू लोधियाल, डॉ. शिवांगी चन्याल, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, परिसर निदेशक प्रो. संजय पंत, प्रो. एल.एस. लोधियाल, डॉ. हरीश बिष्ट, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. इरा तिवारी, डॉ. नंदन मेहरा, डॉ. मैत्री नारायण, डॉ. संदीप मंडोली, डॉ. सीता देवली और कुंदन सहित अन्य लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

वहीं, विश्वविद्यालय के एलुमनी सेल के अध्यक्ष डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. एस.एस. सामंत, ज्योति कांडपाल, डॉ. भुवन आर्य, डॉ. मीना पांडे और डॉ. निर्मित साह ने भी प्रो. आर्या को नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

विश्वविद्यालय के शोध निदेशक के रूप में प्रो. मनोज कुमार आर्या की नियुक्ति को शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उनके व्यापक अनुभव और शोध उपलब्धियों से विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी में मिठाई की दुकानों पर 26 अक्टूबर से नया नियम लागू, हर ट्रे पर लिखनी होगी निर्माण और ‘यूज बाय’ डेट

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.