प्रतिबंधित मांस प्रकरण में हुई मारपीट के मामले में रामनगर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की तलाश और सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया जारी है।

घटना 23 अक्टूबर की है, जब बरेली से रामनगर की ओर प्रतिबंधित मांस लेकर आ रहे पिकअप वाहन चालक नासिर पर छोई क्षेत्र के पास कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान वाहन चालक के साथ गंभीर मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। बाद में उसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद, पीड़ित की पत्नी नूरजहां, निवासी गूलरघट्टी, ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने बताया कि उनके पति नासिर बरेली से भैंस का मांस लेकर रामनगर आ रहे थे, तभी छोई के समीप कुछ युवकों ने वाहन को रोककर उनके साथ बर्बरता से मारपीट की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया था।

कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने ग्राम कंचनपुर छोई निवासी विशाल उर्फ विकास और ग्राम टेढ़ा निवासी संजू उर्फ श्याम सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई है।

अब तक चार आरोपी पहुंच चुके जेल

इससे पहले भी पुलिस ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब कुल चार आरोपी इस प्रकरण में सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि मारपीट की यह घटना मांस ले जाने के विवाद को लेकर हुई थी।

बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज

मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (साजिश) और 190 (हमला एवं चोट पहुंचाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोतवाल सुशील कुमार ने बताया, “इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक चार लोग जेल भेजे जा चुके हैं। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। घटना से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।”

उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की साम्प्रदायिक अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। कोतवाली की टीम ने कई सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा भी कब्जे में लिए हैं।

अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा कर दिया जाएगा।

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